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Book ReviewTinka Tinka Dasna

तिनका तिनका डासना: समीक्षा

आप जिस लेखिका की प्यारी और लता मंगेशकर सदृश मधुर आवाज में बातें सुनते हैं उनका लेखन कितना खूबसूरत और कितना सुंदर होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। आज तक वर्तिका नन्दा को 2-3 बार सुना है। इसके अलावा लोकसभा टीवी और एनडीटीवी पर सुना। अब उन्हें पढ़ने का भी मौका मिला।

वर्तिका नन्दा की बहुचर्चित जेल मुहिम- तिनका तिनका- की किताबों की श्रृंखला को पढ़ने का मौका मिला है। वैसे अब तक तिनका  तिनका तिहाड़ और तिनका तिनका डासना को ही पढ़ सका हूं। मीडियाकर्मी और एनडीटीवी में रिपोर्टर रह चुकीं वर्तिका नन्दा वर्तमान में लेडी श्री राम कॉलेज में पत्रकारिता की सह-आचार्य हैं। यह जानना भी दिलचस्प है कि तिनका तिनका तिहाड़ किताब लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल होने के साथ साथ बेस्ट सेलर भी रही है।

लोकसभा टीवी की पहली एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर वर्तिका नन्दा के साहस और सोच को सलाम जिन्होंने इस देश में कैदियों को एक नए नजरिये देखा। उनके दुःखों को साझा किया, उनसे सिलाई, कढ़ाई और अन्य कामों से इतर उनकी रचनात्मकता को बाहर निकाला। कैदियों के लिए तिनका तिनका इंडिया और तिनका तिनका बंदिनी अवार्ड्स की शुरुआत की। वे खुद भी भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के हाथों 2014 में स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित हुई हैं। उनकी प्रकाशित पुस्तकों में “रानियां सब जानती है” भी काफी प्रसिद्ध हुई है।

यहां यह भी जोड़ना चाहूंगा कि उन्होंने तिनका तिनका डासना में रिपोर्टिंग और कविता को जोड़कर कमाल का प्रयोग किया है। जैसे कि  

शहरों के शोर से कुछ दूर

बनी होती हैं जेलें

यहाँ ठिठका होता है समय का रेला

और सुबह की वेला

यहाँ प्रार्थनाओं का दूर तक फैला टीला है

जो आसमान पर रोज उछाला जाता है”

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औरत की चुप्पी नानक है, कबीर है, कृष्ण है

चुप्पी में नमक

खारा समंदर पूरा का पूरा

इस चुप्पी में अवाक खून रिसता है

अपमान भी , अनकहे दर्द

काँपते सच से लबालब नदियाँ

चुप्पी में औरत का बनाया बुद्ध है

चुप्पी में सारे सपने

चुप्पी में हठ

चुप्पी में लाज

चुप्पी में मर्यादा

चुप्पी में चुप, सब कुछ चुप

औरत चुप्पी को रोज आटे में गूंथ कर अंदर निगल लेती है

सुलगती है, कटती है, सहती है

और चुप्पी के साथ बहती है”

किताब में बीच-बीच में इस तरह की कई लाजवाब कविताएँ पढ़ने को मिलती है। हालांकि कुछ एक कविताएँ फेसबुक पर पढ़ चुका हूँ। बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं वर्तिका नन्दा जी ऐसी सुंदर रचनाओं के लिए। और एक बात आपकी आवाज बेहद प्यारी है।

 

लेखक का परिचय

तेजस पूनिया

शिक्षा- पूर्व छात्र स्नातकोत्तर उत्तरार्द्ध, राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय

स्वत्रंत लेखक एवं समीक्षक

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